बंगळुरू पंचांग, शुक्रवार, 22 मे, 2026
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल षष्ठी 06:25 पर्यंतनंतर शुक्ल सप्तमी 05:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शुक्ल अष्टमी 04:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा 02:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर मघा 02:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वृद्धी 08:19 पर्यंतनंतर ध्रुव 06:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 06:25 पर्यंतनंतर गरज 17:40 पर्यंत; नंतर वणिज 05:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 16:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | अधिक ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:40 |
| चंद्रोदय | 11:19 |
| चंद्रास्त | या दिवशी नाही |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 ते 12:42 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:40 ते 12:16 |
| यमगंड | 15:28 ते 17:04 |
| गुलिक काळ | 07:29 ते 09:05 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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