बंगळुरू पंचांग, गुरुवार, 7 मे, 2026
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण पंचमी 10:14 पर्यंतनंतर कृष्ण षष्ठी 12:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा 18:46 पर्यंतनंतर उत्तराषाढा 21:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | साध्य 01:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुभ 02:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 10:14 पर्यंतनंतर गरज 23:21 पर्यंत; नंतर वणिज 12:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत)ज्येष्ठ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:57 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:36 |
| चंद्रोदय | 23:25 |
| चंद्रास्त | 10:07 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 ते 12:42 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:51 ते 15:26 |
| यमगंड | 05:57 ते 07:31 |
| गुलिक काळ | 09:06 ते 10:41 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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