बंगळुरू पंचांग, शुक्रवार, 13 मार्च, 2026
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण नवमी 06:30 पर्यंतनंतर कृष्ण दशमी 08:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा 03:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर उत्तराषाढा 04:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्यतीपात 10:31 पर्यंतनंतर वरीयान 10:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 06:30 पर्यंतनंतर वणिज 19:25 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 08:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत)चैत्र (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:28 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:30 |
| चंद्रोदय | 02:03 |
| चंद्रास्त | 13:31 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:05 ते 12:53 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:59 ते 12:29 |
| यमगंड | 15:30 ते 17:00 |
| गुलिक काळ | 07:59 ते 09:29 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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