आग्रा पंचांग, गुरुवार, 14 ऑक्टोबर, 2027
आग्रा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- कोजागरी पौर्णिमा
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल चतुर्दशी 18:50 पर्यंतनंतर पौर्णिमा 19:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा 22:30 पर्यंतनंतर रेवती 23:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ध्रुव 16:16 पर्यंतनंतर व्याघात 15:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 06:24 पर्यंतनंतर वणिज 18:50 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 07:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:17 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:51 |
| चंद्रोदय | 16:55 |
| चंद्रास्त | 04:57 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:41 ते 12:27 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:31 ते 14:57 |
| यमगंड | 06:17 ते 07:43 |
| गुलिक काळ | 09:10 ते 10:37 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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