आग्रा पंचांग, बुधवार, 21 एप्रिल, 2027
आग्रा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा 03:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण द्वितीया 03:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती 04:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर विशाखा 05:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वज्र 16:10 पर्यंतनंतर सिद्धी 14:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 15:40 पर्यंतनंतर कौलव 03:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 15:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:48 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:46 |
| चंद्रोदय | 19:22 |
| चंद्रास्त | 05:38 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 ते 12:43अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:17 ते 13:54 |
| यमगंड | 07:25 ते 09:03 |
| गुलिक काळ | 10:40 ते 12:17 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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